तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘सिंगापेण सिरुम्बू’ एंटी-ड्रग फोर्स के गठन का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य पुलिस विभाग ने इस विशेष बल का गठन कर दिया है। चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए सरकार ने इस फोर्स को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को नशीली दवाओं के जाल से बचाना और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
यह फोर्स महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को रोकने के लिए राज्यभर में एकीकृत तरीके से काम करेगी। खास बात यह है कि इस विशेष बल में मुख्य रूप से महिला पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है, जिन्हें अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की विशेष शक्तियां दी गई हैं।
फोर्स केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों और आम लोगों के बीच जाकर महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े अभियान भी चलाएगी। मुख्यमंत्री विजय ने निर्देश दिया है कि राज्य के हर जिले में इस फोर्स का गठन किया जाए, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इसकी औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है ‘सिंगापेण सिरुम्बू’ का मतलब?
तमिल भाषा में ‘सिंगापेण’ का अर्थ ‘शेरनी’ और ‘सिरुम्बू’ का अर्थ ‘चींटी’ होता है। इस नाम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि यह बल आकार में छोटा दिख सकता है, लेकिन इसकी ताकत और प्रभाव बेहद बड़ा होगा।




