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बदल गया पचमढ़ी अभयारण्‍य का नाम, CM मोहन यादव ने किया नए नाम का ऐलान

पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पचमढ़ी अभयारण्‍य को राजा भभूत सिंह पचमढ़ी अभयारण्‍य के नाम से जाना जाएगा। यह राजा भभूत सिंह के पर्यावरण प्रेम और पचमढ़ी को विदेशी ताकतों से संरक्षित रखने के आजीवन अथक प्रयासों को समर्पित है। अभयारण्‍य में राजा भभूत सिंह के जीवन, संघर्ष, वीरता और योगदान से संबंधित जानकारी को प्रदर्शित किया जाएगा। यह कदम न केवल स्थानीय गौरव को बढ़ावा देगा बल्कि अभयारण्‍य की पहचान को भी मजबूत करेगा। यह क्षेत्र के ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, पचमढ़ी में राजभवन में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले, मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भभूत सिंह का आदिवासी समाज पर बहुत अधिक प्रभाव रहा है। उनकी वीरता के किस्से आज भी लोकमानस की चेतना में जीवंत हैं। राजा भभूत सिंह के योगदान को स्मरण करने के लिए मंत्रि-परिषद की बैठक पचमढ़ी में आयोजित की गई है। यह राजा भभूत सिंह के योगदान को समाज के सामने लाने का एक प्रयास है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस माह जून में अनुसूचित जनजाति आधारित तीन सम्मेलन आयोजित किए जायेगे। डिण्डौरी के बजाग में 7 जून को बैगा सम्मेलन, बिरसा मुण्डा जन्म दिवस पर शहडोल के ब्यौहारी में 9 जून को कोल सम्मेलन और 18 जून को शिवपुरी के कोलारस में सहारिया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन-कल्याणकारी कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में 9 जून से 21 जून तक कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वायपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष भी मनाया जाएगा। वायपेयी का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH